SC ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर लगे बैन को हटाने से इंकार किया !

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर 31 अक्तूबर तक के लिये लगाये गये बैन को हटाने से इंकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा व्यापारियों की बिक्री पर लगे बैन को हटाने वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

पटाखा व्यापारियों ने बिक्री पर रोक लगाने संबंधी नौ अक्तूबर के फैसले में ढील देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. व्यापारियों की ओर से याचिका दायर करते हुए दिवाली से पहले पटाखों की ब्रिकी के लिए एक-दो दिन की इजाजत मांगी गई थी.

न्यायमूर्ति ए के सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की खंडपीठ ने कहा है, ”इस प्रतिबंध पर किसी प्रकार की ढील देना सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भावना के खिलाफ होगा.” हालांकि पीठ ने लोगों द्वारा नौ अक्तूबर से पहले खरीदे गये पटाखों को चलाने पर कोई रोक नहीं लगाई है.

पीठ की ओर से आगे कहा गया, ”जहां तक पटाखों की बिक्री पर बैन का सवाल है तो हम इसमे ढील नहीं देने जा रहे हैं.” साथ ही पीठ ने दिल्ली पुलिस को इस फैसले पर अमल करने का आदेश भी दिया है. कोर्ट ने कहा, ”प्रतिबंध के आदेश से पहले जिन पटाखों की बिक्री हो चुकी है, लोग उन्हें चलायेंगे और वह काफी होगा. वैसे भी यह बिना पटाखों वाली दीवाली नहीं होगी.”

इससे पहले, सुनवाई शुरू होते ही कुछ पटाखा कारोबारियों की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पीठ को सुझाव दिया था कि दीपावली से पहले कम से कम एक दो दिन के लिये पटाखों की बिक्री की अनुमति दी जानी चाहिए. उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि कोर्ट पटाखों को चलाने या उनकी बिक्री के लिये समय निर्धारित कर सकता है.

इन कारोबारियों ने अपनी अर्जी में कहा था कि कोर्ट के 12 सितंबर के आदेश के बाद उन्होंने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराया था और उन्होंने दीपावली के दौरान बिक्री के लिये पटाखे भी मंगा लिये थे. उनका यह भी तर्क था कि लाइसेंस के नवीनीकरण के बाद पटाखे खरीदने के लिये उन्होंने अच्छी खासी रकम का निवेश किया है और कोर्ट के नये आदेश से उन्हें जबर्दस्त आर्थिक नुकसान उठाना पडेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर 31 अक्तूबर तक के लिये प्रतिबंध लगाते हुये कहा था कि इनकी बिक्री पर लगा प्रतिबंध अस्थाई रूप से हटाने संबंधी 12 सितंबर का उसका आदेश एक नवंबर से प्रभावी होगा.

न्यायालय ने कहा था कि 11 नवंबर, 2016 के शीर्ष अदालत के आदेश को दीपावली के दौरान इसके सकारात्मक प्रभाव को परखने का एक अवसर मिलना चाहिए. इस आदेश के तहत ही पटाखों के थोक और खुदरा बिक्री के लाइसेंस निलंबित किये गये थे.

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