डीएम ने बच्चों को खिलाई कृमि नाशक दवा एल्बेंडाजोल टेबलेट

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बदायूं। राष्ट्रीय कृम मुक्ति दिवस मनाया गया। सरकारी, गैर सरकारी, सहायता प्राप्त स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में अध्यनरत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई गई।

शनिवार को जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने प्राथमिक विद्यालय सराय फकीर नगर क्षे़त्र पहुँचकर कृमि उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने हाथों से स्कूली छात्राओं को कृमि नाशक दवा का वितरण करते हुए अपने सामने ही बच्चों को टेबलेट खिलाई। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि टेबलेट वितरण से पूर्व चिकित्सक कृमिनाशक दवा स्वयं खाकर ही बच्चों को खिलाएं। उन्होंने कहा कि जो बच्चे बीमार हों अथवा अन्य कोई दवा खा रहे हों, तो ऐसे बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली न खिलाई जाए। डीएम ने कहा कि दवा वितरण से पूर्व बच्चों को यह दवा क्यो खिलाई जा रही है और इससे लाभ के सम्बंध में अवश्य जानकारी दी जाए। डीएम ने बच्चों को जानकारी देते हुए बताया कि कृमि संक्रमण से खून की कमी, कुपोषण, भूख न लगना, कमजोरी और बेचैनी, पेट में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी और दस्त आना तथा वजन में कमी आने की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। कृमि उन्मूलन से खून की कमी में सुधार के साथ ही पोषण स्तर बेहतर होता है। सीखने की क्षमता में सुधार आता है। वातावरण में कृमि की संख्या कम होने पर संपूर्ण समुदाय को लाभ मिलता है। उन्होने बताया कि कृमि परजीवी होते हैं और जीवित रहने के लिए मनुष्य की आंत में रहते हैं। बच्चों में आमतौर पर तीन प्रकार राउंड कृमि, व्हिप कृमि तथा हुक कृमि पाए जाते हैं। कृमि उन्मूलन हेतु 6 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल 400 एम.जी. की पूरी गोली चबाकर खिलाई जाती है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा नेमी चन्द्रा ने बताया कि संक्रमित बच्चे के शौच में कृम के अण्डे होते हैं और खुले में शौच करने से यह अण्डे मिट्टी में मिल जाते हैं और विकसित होते रहते हैं। अन्य बच्चे जब नंगे पैर जमीन पर चलते एवं खेलते हैं तथा गंदे हाथों से खाना खाने, बिना ढका हुआ भोजन खाने से एवं लार्वा के सम्पर्क में आने से बच्चों के पेट में कृमि हो जाते हैं। इसलिए नाखून साफ और छोटे रखना चाहिए, हमेशा साफ पानी पीना चाहिए, भोजन को ढककर रखना चाहिए, साफ पानी से फल व सब्जियाँ अच्छी तरह धोकर प्रयोग में लाना चाहिए, खुले में शौच बिल्कुल न करें, खाने से पहले और शौच जाने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। उन्होने बताया कि छूटे हुए बच्चों को 15 फरवरी को कृमि नाशक दवा खिलाई जाएगी। जिलाधिकारी ने अध्यापकों को निर्देश दिए कि प्रतिदिन प्रार्थना करने के बाद बच्चों को अच्छी बातें अवश्य सिखाई जाए। उन्हें बताया जाए कि अपने से बड़ों का सम्मान करें गंदगी न फैलाएं और न ही फैलाने दें। उन्होंने कहा कि बताई गई बातों को बच्चों के घर से संपर्क कर जानकारी ले। कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी बच्चे प्रतिदिन स्कूल अवश्य आए। डीएम ने इसी विद्यालय के आवासीय एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप में श्रवण बाधित एवं दृष्टिबाधित बच्चों को बोर्ड पर अपने सामने लिखवाकर टेस्ट लिया। उन्होंने कहा कि नए सत्र से कोई बचा घर में नहीं रहना चाहिए, सभी बच्चे विद्यालय अवश्य आए। इस अवसर पर डा. कौशल, डा. मनजीत सिंह तथा डॉ पंकज सहित अध्यापक गण मौजूद रहे।

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